Suvichar

सुविचार मानव को प्रेरणा देते हैं और उनके सफलता के मार्ग की सीढ़ी बनकर उनके जीवन में एक माध्यम बनती है। माना जाता है और गीता का भी यही उपदेश है कर्म सबसे श्रेष्ठ है जैसा व्यक्ति कर्म करता है उसे वैसा ही फल मिलता है भाग्य असफलता यह सब व्यक्ति के मन की उपज है। जो व्यक्ति सफलता की प्राप्ति चाहता है वह छोटे-मोटे घटनाओं और असफलता से कभी नहीं घबराता। जिस प्रकार घोर तूफान में भी कश्ती नहीं डूबती क्योंकि उसको समुद्र के सामने झुकना पसंद नहीं, वही कश्तियां किनारा पाती है अर्थात सफलता को प्राप्त करती है।

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Monday, October 19, 2020

Brought Modesty And Sweetness To Words

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हमारी वाणी तो हमारे सद्व्यवहार की सबसे बड़ी कसौटी है। मां के पेट से निकला बच्चा,कमान से निकला तीर और मुंह से निकले शब्द कभी वापस...
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